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अभयारिष्ट सिरप के फायदे और नुकसान

अभयारिष्ट (Abhayarishta) एक आयुर्वेदिक औषधि है। Abhayarishta Syrup बनाने के लिए कई जड़ी-बूटियों को गुड़ के साथ मिलाया जाता है। अभ्यारिष्ट के सेवन के कई फायदे हैं। यह कब्ज और बवासीर जैसे पेट के विकारों के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक बेहतरीन दवा है। बवासीर और कब्ज के अलावा कई अन्य रोगों में भी अभयारिष्ट का प्रयोग किया जाता है। इस लेख में हम अभयारिष्ट सिरप के फायदे और नुकसान क्या है जानेंगे।

अभयारिष्ट सिरप के फायदे और नुकसान

अभयारिष्ट सिरप के फायदे

1. पाचन रोगों में अभयारिष्ट सिरप के लाभ

अभयारिष्ट (Abhayarishta) के फायदे कई रोगों के उपचार में पाए जाते हैं। यह पाचन क्रिया को सही रखता है। आप पाचन तंत्र के विकारों में भी अभयारिष्ट का सेवन कर सकते हैं। अभयारिष्ट में ऐसे गुण होते हैं जो मल-मूत्र विकारों को दूर करते हैं। मल और मूत्र में रुकावट से संबंधित रोग होने पर आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह के अनुसार इसका उपयोग किया जा सकता है।

2. बवासीर में अभयारिष्ट सिरप के फायदे

बवासीर होने का मुख्य कारण अपच के कारण होने वाली कब्ज है। शौच के दौरान कब्ज की समस्या होती है। अभयारिष्ट बवासीर के रोग को दूर करता है और दर्द से राहत देता है। अभयारिष्ट मुख्य रूप से बवासीर के उपचार में प्रयोग किया जाता है।

3. कब्ज में फायदेमंद

आज के समय में ज्यादातर लोग कब्ज की समस्या से जूझ रहे हैं। इसका मुख्य कारण अनियमित जीवनशैली और खराब खान-पान है। कब्ज दूर करने में अभयारिष्ट सिरप बहुत फायदेमंद होता है। इसे पीने से अपच के कारण होने वाली कब्ज दूर हो जाती है।

अभयारिष्ट सिरप के नुकसान

अभयारिष्ट सिरप कुछ नुकसान भी है, जैसे – अगर आप डॉक्टर के परामर्श के बिना अत्यधिक सेवन करते हो तो आपको कुछ एलर्जी प्रतिक्रियाएं या दस्त, पेट दर्द, गंभीर सूजन, उनींदापन, सिरदर्द और चक्कर आना जैसे नुकसान हो सकते हैं।

हालांकि, अभयारिष्ट सिरप जड़ी बूटियों का मिश्रण कई बीमारियों के लिए एक अचूक उपाय है। यह कम खुराक में, यह 3 साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए सुरक्षित है। लेकिन गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि जड़ी-बूटी कोलोसिंथ या इंद्रवरुणी की उपस्थिति से गर्भाशय में संकुचन हो सकता है और यहां तक कि गर्भपात भी हो सकता है।

ध्यान दे की, स्तनपान कराने वाली माताओं को भी डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए क्योंकि स्तन के दूध के माध्यम से दवा का स्राव हो सकता है। मधुमेह की खुराक लेने वाले लोगों को इस सिरप को लेने से पहले अपने डॉक्टर से पूछना चाहिए क्योंकि इसके अधिक सेवन से रक्त शर्करा के स्तर में गंभीर गिरावट भी आ सकती है।

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